सामाजिक मिशन एवं विशेष प्रौद्योगिकी केन्‍द्र

सामाजिक मिशन एवं विशेष प्रौद्योगिकी केन्‍द्र ( सीएसएमएसटी ), मुख्य रूप से एक बहुलक कंपोजिट उत्पाद विकास केंद्र है , इसको दो भागों में बांटा गया है सामरिक और सामाजिक। पहला  सामरिक क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेगा और दूसरा वांतरिक्ष प्रौद्योगिकियों को सामान्‍य व्‍यक्ति तक पहुंचाएगा।

 

विशेष प्रौद्योगिकियों में वायुयान राडोम , जटिल वायु सेवन नलिकाएं, बड़े वांतरिक्ष ग्रेड ऑटोक्‍लेव, माइक्रो एयर वायु यान एयरफ्रेम, एवियॉनिक्स आदि के लिए सम्मिश्र जैसे विशिष्ट पॉलीमर कंपोजिट उत्पाद शामिल हैं ।

                                                                                                                 

सामाजिक क्षेत्र बड़े डॉपलर मौसम राडोम के विकास में किये जा रहे कार्य के अलावा अक्षय ऊर्जा कार्यक्रमों पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है जो कम-गति के भारतीय हवा की स्थिति के लिए छोटे और मध्यम हवा सौर हाइब्रिड सिस्टम के स्वदेशीकरण पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ।

 

इसके अलावा, स्मार्ट पदार्थ, 3 डी बुना सम्मिश्र, माइक्रोवेव संसाधन, नैनो प्रौद्योगिकियां, पर्यावरण कंडीशनिंग आदि के अनुसंधान और विकास से संबंधित क्षेत्रों में सीएसएमएसटी की उपस्थिति मजबूत है ।

 

सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) इकाइयों और निजी उद्योगों के लिए प्रौद्योगिकियों (टीओटी) के अंतरण और अपनी प्रौद्योगिकियों / उत्पादों का प्रचार-हेतु सार्वजनिक –निजि भागीदारी में (पीपीपी) सक्रिय रूप से लगा हुआ है।

 

जगुआर लड़ाकू विमान के नोज़ कॉन रडॉम के टीओटी को एचएएल, बेंगलुरू के साथ प्रभावी रूप से किया जा रहा है और भारतीय वायु सेना की जरूरतों को पूरा करने के लिए एचएएल के लिए प्रथम परीक्षण रडॉम को सफलतापूर्वक उत्‍पादन किया गया है।

 

वांतरिक्ष ग्रेड आटोक्लेव का विकास और विपणन एनएएल के नेतृत्व में पीपीपी संघ युसीई मुंबई और मेसर्स डेटा सॉल, बेंगलुरू में अच्छी तरह से चल रहा है। सामरिक क्षेत्र से कई आदेश कड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा से जीता गया है। एएसएल, डीआरडीओ हैदराबाद में इस कंसोर्टियम द्वारा भारत के अब तक के सबसे लंबी आटोक्लेव अभिकल्प, विकास और संस्थापन किया गया है । आईआईटी कानपुर, एमआईटी मणिपाल और आईआईटी, बॉम्बे जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के लिए लघु प्रयोगशाला पैमाने पर आटोक्लेव विकसित किए गए हैं , जो सामाजिक आउटरीच प्रयासों के तहत हैं ।

 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की जरूरतों को पूरा करने के लिए बीईएल, नवी मुंबई के लिए प्रदान किया गया है।

 

इसके अलावा दोहरी आवृत्ति माइक्रोवेव और बहुलक सम्मिश्र के हाइब्रिडाइज्ड आटोक्लेव- माइक्रोवेव संसाधन जैसे नए क्षेत्रो में अ-वि सहयोग केलिये मेसेर्स एनर्जी माइक्रोवेव सिस्टम, बेलगावी के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

 

इसी तरह, बंगलुरु और आसपास के प्रमुख विज्ञान और इंजीनियरिंग कॉलेजों के लिए 1kW रूफटॉप विंड - सौर हाइब्रिड सिस्टम के विपणन और निर्माण करने के लिए मेसर्स अपर्णा अक्षय ऊर्जा स्रोत, बेंगलुरु के साथ एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए गए । 5 सिस्टम सफलतापूर्वक संस्थापित किए गए हैं और इन इकाइयों से वास्तविक समय में डेटा लॉग किया जा रहा है ।

 

सीएसएमएसटी की नवीकरणीय ऊर्जा टीम ने हाल ही में कर्नाटक सरकार के सहयोग से केआरडीएल र्बेंगलुरु में पूरी तरह से स्वदेशी सबसे बड़ा पवन सौर हाइब्रिड सिस्टम स्थापित किया है ( नगरभावी में एनएएल पवन टरबाइन को सम्मिलित करते हुए पहाड़ी पर 100 फीट रोटर को जमीन से 100 फीट ऊपर)। यह आम जनता के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है ।

 

तकनीकी कर्मचारी (3)

शशि कांत चौधरी
चन्‍द्रन ए पी
शिवय्या पी एम

प्रशासन के कर्मचारी (2)

रामु
प्रकाश एस

सुविधाएं

शिवय्या पी एम के तकनीकी कार्यक्षेत्र

शिवय्या पी एम के सुविधाएं कार्यक्षेत्र

चन्‍द्रन ए पी के तकनीकी कार्यक्षेत्र

चन्‍द्रन ए पी के सुविधाएं कार्यक्षेत्र

शशि कांत चौधरी के तकनीकी कार्यक्षेत्र

शशि कांत चौधरी के सुविधाएं कार्यक्षेत्र

प्रकाश एस के तकनीकी कार्यक्षेत्र

प्रकाश एस के सुविधाएं कार्यक्षेत्र

रामु के तकनीकी कार्यक्षेत्र

रामु के सुविधाएं कार्यक्षेत्र

पिछला नवीनीकरण : 11-11-2020 03:07:20पूर्वान्ह